लॉयल Customer कैसे बनाए ?

दोस्तों हर सक्सेस बिज़नस अपने लॉयल कस्टमर के कारण ही सक्सेस होता है क्योकि उसे बार बार  अपने प्रोडक्ट की क्वालिटी को इम्प्रूव नहीं करना पड़ता है बल्कि कस्टमर का लागाव यानि लोयलिटी के कारन ही उसका प्रोडक्ट बिकता चला जाता है | कोई भी कम्पनी यदि वह एक बार लॉयल कस्टमर बना ले तो फिर उसे  सक्सेस होने से कोई नहीं रोक सकता है | क्या आप जानते है की वास्तव में लॉयल कस्टमर्स कौन होते है ?

कुछ लोगो का मानना होता है की जो कस्टमर आपके पास बार बार आते है वही लोयल कस्टमर होते है | यह सही भी हैं  लेकिन ऐसा क्यों होता है ? क्या आपने कभी गौर किया है? यदि नहीं तो चलिए आज हम इसी बारे में बात करते है की ग्राहक को लॉयल  कैसे बनाते  है ?

सबसे पहले हम जानेंगे की loyalty क्या होता है ?

यहाँ मैं आपको बता देता हूँ की लॉयल्टी  आपके और कस्टमर के बीच एक बांड होता है , यानी यह एक प्रकार का रिश्ता बन जाता है आपके तथा कस्टमर के बीच , अक्सर लोग लॉयल्टी का सीधा मतलब कस्टमर की संतुष्टि से निकालते है | उन्हें लगता है की यदि ग्राहक संतुष्ट हो गया तो फिर से वह उसी के पास आयेगा लेकिन मैं आपको बताना चाहूंगा की  satisfaction  एक रेटिंग होती है , ग्राहक आपके प्रोडक्ट की रेटिंग देखकर आपके पास आता है और यह रेटिंग 1 से 10 तक होती है |  किसी प्रोडक्ट को 10 में से 10 रेटिंग मिल जाता है  तो किसी को 8 तो किसी को 6 , लेकिन ऐसे में आपका कस्टमर लॉयल नहीं कहा जा सकता क्योकि वह एक दिन किसी और प्रोडक्ट के पास भी जा सकता है क्योकि उसे तो सिर्फ रेटिंग से मतलब होता है यदि आपके प्रोडक्ट से किसी दुसरे प्रोडक्ट की रेटिंग बेहतर है तो वह उसी को खरीदेगा |

यहाँ मैं आपको लॉयल्टी तथा satisfaction  में क्या अंतर है बताने की कोशिस करूंगा | 

एप्पल का कस्टमर एप्पल से stisfy है या नहीं लेकिन वह एप्पल को छोड़कर कोई दुसरा मोबाइल नहीं खरीदता |  क्योकि वह उसके साथ लॉयल है उसे छोड़कर नहीं जाता है |

साउथ इंडिया में MTR एक कल्ट है यानी ब्रेकफास्ट मिक्सेस  है | उसका कस्टमर उससे satisfy है या नहीं लेकिन वह उसे ही खरीदता है यानी वह उसका लॉयल कस्टमर है उसे छोड़कर  नहीं जाता है |

दुनिया की सबसे बड़ी बाइक कम्पनी हेअर्ली डेविडसन है जिसे कस्टमर उससे संतुष्ट है या नहीं लेकिन वे उसे छोड़कर किसी दुसरे बाइक को नहीं चलाता  है | क्योकि उसका उस बाइक के साथ गहारा  सम्बन्ध होता है वह उसका लॉयल कस्टमर होता है | 

लॉयल्टी एक प्रकार का इमोशन होता है जिसे Step by Step build किया जा सकता है | यह आप भी कर सकते है | आपको कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे कस्टमर का आपके साथ एक लगाव हो जाय और वह आपको छोड़कर कही न जा पाए चाहे कोई डिस्काउंट हो , या कोई उधार दे , या कोई सस्ता माल दे , आपका कस्टमर आपको छोड़कर कही नहीं जा सकता  है |  यह बहुत जरुरी भी होता है  | क्योकि लॉयल कस्टमर न केवल आपके प्रोडक्ट खरीदता है बल्कि वह आपके लिए आपके प्रोडक्ट की मार्केटिंग के भी काम आता है | वह कही भी जाता है तो आपके प्रोडक्ट की व्याख्या करने  लगता है  | न चाहते हुए भी वह आपके लिए नए कस्टमर बनाने में काफी मदद करने लगता है | लेकिन बरहाल आपके पास repeat purchase नहीं है |, लॉयल कस्टमर नहीं ही तो क्या आप जानते है उसके नुकसान क्या क्या है?

  • नया कस्टमर एक्वायर करना 7 गुना महंगा पड़ता है | 
  • और एक्सिस्टिंग कस्टमर को रिटेल करना 7 गुना सस्ता पड़ता है | 

ऐसा एक नहीं कई शोधो के माध्यम से पता चला है | हावर्ड बिज़नस स्कूल यहाँ तक कह रहा है की अगर आपके पास सिर्फ 5 प्रतिशत कस्टमर टिक जाता है तो अलग अलग बिज़नस के profitability के हिसाब से  आपके   बिज़नस का मुनाफ़ा 25 से 95 प्रतिशत तक बढ़ जाता  है | केवल 5 प्रतिशत कस्टमर को यदि आपने रोक के उसे वापस उसी को अपना माल बेचना शुरू कर दिया तो आपका मुनाफ़ा काफी बढ़ सकता है | यानी लॉयल्टी का मतलब होता है विश्वास और जहा विश्वास ज्यादा है वहा हर प्रकार से माल खरीदना  तथा बेचना बढ़ जाता है | 

जैसे की पंतजलि अपने प्रोडक्ट के लिए इसलिए फेमस है की वह लोगो के बिच पुरे परिवार के लिए प्रोडक्ट बनाने पर ज्यादा जोर देता है |  और यदि आप पंतजलि के लॉयल कस्टमर है और पंतजलि मार्किट में कोई नया प्रोडक्ट  जैसे मसाला नुडल लेकर आता है  और उसके विपरीत कोई छगन लाल मसाला नुडल मार्किट में आता है तो जाहिर है की आप पंतजलि का प्रोडक्ट ही खरीदेंगे | ऐसे में 100 में से सिर्फ 5 या 10 प्रतिशत लोग ही होंगे जो दुसरे प्रोडक्ट को खरीदेंगे | और ऐसा लॉयल्टी के कारण ही होता है | आपका लॉयल कस्टमर आपके ब्रांड equity को बढ़ा देता है | यहाँ मैं आपको example दे रहा हूँ जैसे की किसी प्रोडक्ट को आपका कोई दोस्त कहता है की इसका इस्तेमाल कर और उसी से रिलेटेड प्रोडक्ट को आप किसी ऐड में देखते है |  तो आप पर उस ऐड का कम आपके दोस्त का इम्प्रैशन अधिक होगा | यानी यहाँ लॉयल्टी क्रिएट हो रही है | आपको अपने दोस्त पर अधिक विशवास है और उसी विशवास के कारण आप उस प्रोडक्ट को यूज़ कर रहे है | तो दोस्तों आपको लॉयल्टी का मतलब तो अब पूरी तरह समझ में आ गया होगा | अब आपको मैं ये बताउंगा की

 अपने कस्टमर को लॉयल कैसे बनाते है ?

कस्टमर को लॉयल बनाने के लिए आपको एक पॉइंट बेस्ड लॉयल्टी प्रोग्राम शुरू करना होगा | जो भी कस्टमर आपके पास आते है उन्हें पॉइंट्स देने लग जाइए उन्हें रिवॉर्ड देने लग जाइए और उनके हर एक खरीद पर उस पॉइंट का उन्हें फायदा मिल सके यानी वह पॉइंट्स एक डिस्काउंट की तरह काम करेगा |  जिससे कस्टमर आपके साथ उस पॉइंट्स का लाभ लेने के लिए जुड़ता चला जाएगा | और अधिक पॉइंट्स होने के कारण वह आपको छोड़ेगा भी नहीं | 

आप deloitte रिटेल सर्वे के बारे में तो आपको पता ही होगा यह एक ग्लोबल  consulting कम्पनी  है |  इसने अपने रिपोर्ट में बताया की जो कंपनिया अपने कस्टमर के लिए लॉयल्टी प्रोग्राम रन कर रहे है वह मुनाफे में लगभग 88 % अधिक मुनाफे में है | हालंकि लॉयल्टी को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर आसानी से क्रिएट किया जा सकता है क्योकि यहाँ आप एक सॉफ्टवेयर की मदद से कस्टमर का डाटा तैयार करेंगे और उसके हर प्रोडक्ट के खरीदने पर आप वहा उसे पॉइंट्स दे सकेंगे लेकिन  दुकान पर नगद लेन देन की प्रक्रिया में ऐसा कर पाना मुश्किल है हां यहाँ आप उसे किसी प्रोडक्ट की खरीद पर कोई दुसरा प्रोडक्ट गिफ्ट के तौर पर दे सकते है | लेकिन यहाँ आपको ऐसा नहीं करना हैकि आप किसी कस्टमर को 1 लाख की ac बेच रहे हो और उसे 1500 की चाइनीज हेयर ड्रेसर दे रहे हो तो वह उस हेयर ड्रेसर का करेगा क्या ?, याद रखिये यहाँ आपको लॉयल बनाना है कस्टमर का दिल जितना है ना की उसे unuseful प्रोडक्ट देकर उसे और भड़का दे | ताकि वह दोबारा आपके दूकान पर आये ही ना |  लॉयल्टी प्रोग्राम रन करने की दिशा में अमेज़न कम्पनी सबसे आगे है और मुझे लगता है इसका यही लगाव कस्टमर को अपने आप उसकी तरफ आकर्षित करता है जिसकी बदौलत अमेज़न आज दुनिया की सबसे बड़ी इ कॉमर्स वेबसाइट के रूप में उभरा है |

ऑफलाइन बिज़नस में आप कस्टमर को अगले खरीद के लिए कूपन दे सकते है ताकि वह डिस्काउंट पाने के लिए आपके पास फिर से आने लगे | यदि आप कोई दवाई बेचते है तो आप उस दवाई के मरीज से जुड़कर उसके सेहत से सम्बंधित sms भेज सकते है | उसे दोबारा कब आना है यह  भी याद दिला सकते है | इसी तरह दोस्तों हर कस्टमर के साथ यदि आप अच्छा व्यवहार करे यानी वह सामान ले रहा हो तब उसे सामान के बारे में कम उसकी सेहत या उसकी जरुरतो के बारे में बात करके उसका दिल जित सकते है ताकि कस्टमर को भी लगे की हां वह आपके जरुरत का ख्याल रखता है | जिससे अगली बार खरीदारी के लिए भी आपके पास ही आयेगा | 

तो दोस्तों यह पोस्ट आपको कैसा लगा जरुर बताये , किसी भी प्रकार के सवाल या सुझाव के लिए निचे कमेंट्स कर सकते है | thankyou|

Leave a Comment

Your email address will not be published.